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क्‍वाड क्‍या है। क्‍वाड्रीलेटरल सुरक्षा वार्त्ता।

क्‍वाड हिंद और प्रशांत महासागर से लगे हुए देश भारत, अमेरिका, आस्‍ट्रेलिया और जापान का समूह है। क्‍वाड शब्‍द 'क्‍वाड्रीलेटरल सुरक्षा वार्ता' के क्‍वाड्रीलेटरल (चतुर्भज) से लिया गया है। आधिकारिक तौर पर यह एक औपचारिक गठबंधन नहीं है बल्कि यह एक अनौपचारिक रणनीतिक मंच है। लक्ष्‍य।  क्‍वाड का उदेश्‍य भारत-प्रशांत क्षेत्र में लोकतांत्रिक देशों के हितों की रक्षा करना और वैश्विक चुनौतियों का समाधान करना है। इनमें समुद्री सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दे के अलावा वर्तमान में कोरोना महामारी भी शामिल है। क्‍वाड को चीन के बढ़ते प्रभाव और विस्‍तारवादी महत्‍वाकांक्षाओं का मुकाबला करने के प्रयास के रूप में भी देखा जाता है। शुरूआत। 2006 में तत्‍कालीन जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे क्‍वाड के गठन पर विचार करने वाले पहले व्‍यक्ति थे। थोड़ा सा पीछे जाएं तो क्‍वाड जैसे समूह को बनाने की जरूरत पहली बार 2004 में आई सुनामी के बाद पड़ा, जब भारत ने जापान, अमेरिका और आस्‍ट्रेलिया के साथ मिलकर प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्‍तर पर बचाव अभियान चलाया था। पहली बैठक। 4 देशों के इस समूह की पहली बैठक 2007 में फि

विश्व स्वास्थ्य दिवस पर विशेष, जाने इतिहास थीम और महत्व

विश्व स्वास्थ्य दिवस के इतिहास। 

स्वास्थ्य समस्याओं पर दुनिया भर के देशों के आपसी सहयोग के लिए 7 अप्रैल 1948 को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की स्थापना हुई थी। इस प्रकार 7 अप्रैल को 'विश्व स्वास्थ्य दिवस' के रूप में भी मनाया जाता है। पहला विश्व स्वास्थ्य दिवस 7 अप्रैल 1950 को आयोजित किया गया था और उसके बाद हर साल से मनाया जा रहा है। 

Vishwa Swasthaya Diwas

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार स्वास्थ्य केवल बीमारियां या दुर्बलता ना होने तक ही सीमित नहीं है बल्कि पूरी तरह से शारीरिक, मानसिक और सामाजिक खुशहाली प्राप्त करने की स्थिति ही स्वास्थ्य है। अच्छा स्वास्थ्य बगैर किसी नस्ल, धर्म, राजनीतिक विश्वास या आर्थिक या सामाजिक स्थिति के भेद के बिना प्रत्येक मनुष्य के मौलिक अधिकारों में से एक है। 

विश्व स्वास्थ्य दिवस 2022 की थीम। 

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, महामारी, प्रदूषण होती पृथ्वी, कैंसर व अस्थमा और हृदय रोग जैसी बढ़ती बीमारियों के बीच, डब्ल्यूएचओ इस 'विश्व स्वास्थ दिवस 2022' पर इंसानों और पृथ्वी को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक तत्काल कार्यों पर वैश्विक ध्यान केंद्रित करेगा। 

इस वर्ष विश्व स्वास्थ्य दिवस की थीम है।  हमारी पृथ्वी हमारा स्वास्थ्य

वर्तमान स्वास्थ्य संबंधित हालात। 

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, दुनिया की 99% आबादी ऐसी हवा में सांस ले रही है, जिसका वायु प्रदूषण का स्तर अंतरराष्ट्रीय स्वीकृत मानकों से ज्यादा प्रदूषित है। डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर में हर 1 मिनट पर 13 लोगों की मृत्यु वायु प्रदूषण के कारण हो जाती है, जिनमें कैंसर, हृदय संबंधी रोग हैं। वही, दुनिया में 3.6 अरब लोगों के पास सुरक्षित टॉयलेट नहीं है। 

पर्यावरण में सुधार के लिए क्या करें। 

ट्रांसपोर्ट: हफ्ते में एक बार पैदल चले या साइकिल का प्रयोग करें। पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल अच्छा होगा।
ऊर्जा: अक्षय ऊर्जा का इस्तेमाल करें। जरूरत ना होने पर लाइट बंद करें।
पोषण: किराने का सामान स्थानीय उत्पादको से खरीदें हाय प्रोसैस्ड फूड से बचें। 
लाइफस्टाइल: हेल्दी लाइफ़स्टाइल अपनाएं। स्मोकिंग जैसी बुरी आदतों को छोड़ें। 

तारीख:07/04/2022 
लेखक: शत्रुंजय कुमार। 

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