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क्‍वाड क्‍या है। क्‍वाड्रीलेटरल सुरक्षा वार्त्ता।

क्‍वाड हिंद और प्रशांत महासागर से लगे हुए देश भारत, अमेरिका, आस्‍ट्रेलिया और जापान का समूह है। क्‍वाड शब्‍द 'क्‍वाड्रीलेटरल सुरक्षा वार्ता' के क्‍वाड्रीलेटरल (चतुर्भज) से लिया गया है। आधिकारिक तौर पर यह एक औपचारिक गठबंधन नहीं है बल्कि यह एक अनौपचारिक रणनीतिक मंच है। लक्ष्‍य।  क्‍वाड का उदेश्‍य भारत-प्रशांत क्षेत्र में लोकतांत्रिक देशों के हितों की रक्षा करना और वैश्विक चुनौतियों का समाधान करना है। इनमें समुद्री सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दे के अलावा वर्तमान में कोरोना महामारी भी शामिल है। क्‍वाड को चीन के बढ़ते प्रभाव और विस्‍तारवादी महत्‍वाकांक्षाओं का मुकाबला करने के प्रयास के रूप में भी देखा जाता है। शुरूआत। 2006 में तत्‍कालीन जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे क्‍वाड के गठन पर विचार करने वाले पहले व्‍यक्ति थे। थोड़ा सा पीछे जाएं तो क्‍वाड जैसे समूह को बनाने की जरूरत पहली बार 2004 में आई सुनामी के बाद पड़ा, जब भारत ने जापान, अमेरिका और आस्‍ट्रेलिया के साथ मिलकर प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्‍तर पर बचाव अभियान चलाया था। पहली बैठक। 4 देशों के इस समूह की पहली बैठक 2007 में फि

सेना पर सर्वाधिक सर्च करने वाले टॉप 10 देश

आर्म्स वॉचडॉग स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिपरी) की रिपोर्ट के अनुसार कोरोनावायरस महामारी के बावजूद 2021 में सैन्य खर्च 0.7 बढ़कर डॉलर 2113 पहुंच गया है, जो अब तक का सर्वाधिक है। 2021 के कुल सैन्य खर्च का 62% इस सूची के शीर्ष 5 देशों द्वारा किया गया है। 

SIPRI Report

1.अमेरिका डॉलर 801 अरब। 

2021 में अमेरिका का सैन्य खर्च वर्ष 2020 की तुलना में 1.4% की कमी के साथ ही 801 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। रिपोर्ट के मुताबिक 2012 और 2021 के बीच अमेरिका ने सैन्य अनुसंधान और विकास के लिए फंड में 24% की वृद्धि की। वहीं, इस अवधि में हथियारों की खरीद के खर्च पर 6.4 परसेंट की गिरावट आई। 

2.चीन डॉलर 293 अरब। 

2021 में चीन का सैनिक खर्च 2020 की तुलना में 4.7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 293 अरब अमेरिकी डॉलर पहुंच गया है। रक्षा पर खर्च करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश चीन पिछले कई सालों से अपना सैन्य खर्च लगातार बढ़ा रहा है। 

3.भारत डॉलर 76.6 अरब। 

डॉलर 76.6 अरब के साथ सेना पर खर्च करने के मामले में भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश है। भारत ने अपनी जीडीपी का 2.7% हिस्सा रक्षा पर खर्च किया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने स्वदेशी हथियार उद्योग को बढ़ावा देने के लिए 2021 के रक्षा बजट में पूंजी परिव्यय का 64 परसेंट घरेलू उद्योगों द्वारा बनाए गए हथियार खरीदने के लिए निर्धारित किया था। 

वही, डॉलर 111 पार्ट 3 अरब के सैनिक हर्ष के साथ पाकिस्तान 40 देशों की सूची में 23वे नंबर पर है। 

4.यूनाइटेड किंगडम डॉलर 68.4 अरब। 

यूके ने 2021 में सेना पर 68.4 अरब अमेरिकी डॉलर खर्च की है, जो 2020 की तुलना में 10% ज्यादा था। 

5.रूस डॉलर 65.9 अरब। 

2 महीनों से यूक्रेन पर हमला कर रहे रूस का पिछले साल सैन्य खर्च डॉलर 65.9 अरब रहा, जो उसकी जीडीपी का 4.1 परसेंट है। रिपोर्ट के अनुसार हाई ऑयल और गैस राजस्व ने रूस को  2021 में अपने सैन्य खर्च को बढ़ावा देने में मदद की है। 

6.फ्रांस डॉलर 56.6 अरब। 

2021 में फ्रांस का सैन्य खर्च 56.6 अरब अमेरिकी डालर रहा, जो 2020 की तुलना में 1.5% अधिक है। फ्रांस ने इस दौरान अपनी जीडीपी का 1.9% रक्षा पर खर्च किया। 

7.जर्मनी डॉलर 56 अरब। 

जर्मनी मध्य और पश्चिमी यूरोप में तीसरा सबसे बड़ा सैन्य खर्च करने वाला देश है। मुद्रास्फीति के कारण इस दौरान जर्मनी के सैनिक खर्च में 2020 की तुलना में 1.4% की कमी आई है। 

8.सऊदी अरब डॉलर 55.6 अरब। 

सऊदी अरब का 2021 में सैनिक 55.6 अरब अमेरिकी डालर रहा, जो 2020 की तुलना में 17% कम है। सऊदी अरब का सैन्य खर्च उसकी जीडीपी का 6.% है। 

9.जापान डॉलर 54.1 अरब। 

2021 में जापान का सैन्य खर्च 54.1 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जो 2020 की तुलना में 7.3 परसेंट अधिक है। 2021 में जापान ने अपनी जीडीपी का 1.1% हिस्सा सेना के लिए खर्च किया। 

10.साउथ कोरिया डॉलर 50.2 अरब।

2020 की तुलना में 4.7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2021 में साउथ कोरिया का सैन्य खर्च 50.2 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। यह उसकी जीडीपी का 2.8% है। 


तारीख: 28/04/2022 

लेखक: राकेश कुमार। 

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