सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

क्‍वाड क्‍या है। क्‍वाड्रीलेटरल सुरक्षा वार्त्ता।

क्‍वाड हिंद और प्रशांत महासागर से लगे हुए देश भारत, अमेरिका, आस्‍ट्रेलिया और जापान का समूह है। क्‍वाड शब्‍द 'क्‍वाड्रीलेटरल सुरक्षा वार्ता' के क्‍वाड्रीलेटरल (चतुर्भज) से लिया गया है। आधिकारिक तौर पर यह एक औपचारिक गठबंधन नहीं है बल्कि यह एक अनौपचारिक रणनीतिक मंच है। लक्ष्‍य।  क्‍वाड का उदेश्‍य भारत-प्रशांत क्षेत्र में लोकतांत्रिक देशों के हितों की रक्षा करना और वैश्विक चुनौतियों का समाधान करना है। इनमें समुद्री सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दे के अलावा वर्तमान में कोरोना महामारी भी शामिल है। क्‍वाड को चीन के बढ़ते प्रभाव और विस्‍तारवादी महत्‍वाकांक्षाओं का मुकाबला करने के प्रयास के रूप में भी देखा जाता है। शुरूआत। 2006 में तत्‍कालीन जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे क्‍वाड के गठन पर विचार करने वाले पहले व्‍यक्ति थे। थोड़ा सा पीछे जाएं तो क्‍वाड जैसे समूह को बनाने की जरूरत पहली बार 2004 में आई सुनामी के बाद पड़ा, जब भारत ने जापान, अमेरिका और आस्‍ट्रेलिया के साथ मिलकर प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्‍तर पर बचाव अभियान चलाया था। पहली बैठक। 4 देशों के इस समूह की पहली बैठक 2007 में फि

31 मार्च तक जरूर कर ले यह काम नहीं तो देना पड़ सकता है ₹1000 तक का जुर्माना (Pan-Aadhaar Link Deadline).

31 मार्च 2022 तक जरूर कर ले, पैन को आधार से लिंक, नहीं तो देनी पड़ सकती है, ₹1000 तक का जुर्माना। (pan aadhaar link last date)

pan aadhaar link deadline
भारत सरकार ने पैन कार्ड धारी को आधार से लिंक करवाने का प्रयास पहले से ही कर रही है। और इससे पहले भी  कई बार पैन कार्ड और आधार कार्ड को लिंक करने की सिमा बढ़ा चुकी है। परन्तु अब सरकार इस विषय पर नया कदम उठाने जा रही है। 

दरअसल, पैन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करने की आखरी तारीख 31 मार्च, 2022 निर्धारित है। सरकार के अनुसार देश में 24 जनवरी 2022 तक, 43.34 करोड़ से अधिक पैन कार्ड को आधार से जोड़ा जा चुका है। 

क्यों लाया गया जुर्माने का प्रावधान। 

फाइनेंस एक्ट 2021 के तहत, पैन कार्ड से आधार कार्ड को जोड़ने को लेकर इनकम टैक्स एक्ट 1961 में एक नया सेक्शन 234H जोड़ा गया है। इसके अनुसार अगर किसी व्यक्ति को सेक्शन 139AA के सब सेक्शन (2) के तहत अपने आधार की सुचना देने की जरुरत है। और वह तय तारीख या उससे पहले ऐसा करने में विफल रहता है, तो उसे लेट फीस के तौर पर रु 1000 का जुर्माना देना पड़ सकता है। 

अगर आप पैन कार्ड को आधार से लिंक नहीं कराते हो तो क्या होगा। 

केंद्रीय प्रत्यछ कर बोर्ड (CBDT) ने कहा है कि यदि कोई व्यक्ति पैन कार्ड को आधार से लिंक कराने में विफल रहता है, तो पैन कार्ड निष्क्रिय हो जाएगा। एक निष्क्रिय पैन कार्ड रखने वाला व्यक्ति ऐसे वित्तीय लेनदेन करने में सक्षम नहीं होगा, जिनमें पैन दिखाना अनिवार्य है। 

यदि उपयोगकर्ता समय सीमा बीतने के बाद पैन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करता है, तो पैन कार्ड, उस तारीख से फिर से एक्टिव हो जाएगा, जिस दिन पैन कार्ड को आधार से जोड़ा गया है। 

कैसे करें पैन कार्ड को आधार से लिंक। 

  • अपने पैन को आधार से लिंक करने के लिए सबसे पहले आपको इनकम टैक्स की वेबसाइट https://www.incometax.gov.in पर जाना होगा। 
  • उसके बाद Quick Links के निचे Link Aadhar विकल्प को चुनें। 
  • फिर, अपना पैन नंबर, आधार नंबर, नाम व मोबाइल नंबर दर्ज करें। 
  • इसके बाद Link Aadhar ऑप्शन पर क्लिक करें। 
  • आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP आएगा उसे दर्ज करें। 
  • Validate ऑप्शन पर क्लिक करें। 

SMS के माध्यम से भी आप पैन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक कर सकते हैं। 

SMS के जरिये पैन को आधार से लिंक करने के लिए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर UIDPAN टाइप कर अपना 12 अंकों का आधार नंबर लिखकर 567678 या 56161 पर भेजना होगा। 

फॉर्मेट: UIDPAN<SPACE><12 DIGIT AADHAAR NUMBER><SPACE><10 DIGIT PAN NUMBER>

आपका पैन कार्ड आधार से लिंक हुआ है कि नहीं कैसे चेक करें। 

  • सबसे पहले आप ऑफिसियल वेबसाइट https://www.incometax.gov.in पर जाएं।   
  • उसके बाद Quick Links के निचे Link Aadhaar Status विकल्प को चुनें। 
  • उसके बाद स्क्रीन पर एक नया पेज खुलेगा जिसमें अपना पैन नंबर आधार नंबर व मोबाइल नंबर दर्ज करें। 
  • फिर, View Link Aadhaar Status पर क्लिक करें। एक नया पॉप अप खुलेगा जिसमें आपको स्टेटस पता चल जायेगा।        


तारीख: 18/03/2022 

लेखक: शत्रुंजय कुमार। 

pan aadhaar link last date


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

डेबिट कार्ड और क्रेडिट को लेकर आरबीआई की नई गाइडलाइन।

आरबीआई ने क्रेडिट कार्ड व डेबिट कार्ड से जुड़े नए नियमों की घोषणा की है। नए नियम 1 जुलाई 2022 से लागू होंगे। आरबीआई की यह गाइडलाइन सभी अनुसूचित बैंक और भारत में संचा‍लित सभी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनीयों (एनबीएफसी) पर लागू होगी। भुगतान बैंंकों, राज्‍य सहकारी बैंकों और जिला केन्द्रिय सहकारी बैंकों को इससे अलग रखा गया है। डेबिट कार्ड। डेबिट कार्ड केवल उन ग्राहकों को जारी किए जाएंगे जिनके पास बचत या चालू खाता है। बैंक किसी ग्राहक को डेबिट कार्ड सुविधा का लाभ उठाने के लिए बाध्‍य नहीं करेगी और न ही किसी अन्‍य सुविधा का लाभ उठाने के लिए डेबिट कार्ड को लिंक करेंगे। अगर किसी व्‍यक्ति के नाम पर जारी कार्ड उस तक नहीं पहुंच पाया और उसका दुरूपयोग किया गया है तो ऐसे में किसी भी हानि की जिम्‍मेदाी केवल कार्ड जारीकर्ता की होगी और जिस व्‍यक्ति के नाम से कार्ड जारी किया गया है, वह इसके लिए उत्तरदायी नहीं होगा। क्रेडिट कार्ड। यदि कार्ड जारी करने की तारीख से 30 दिनों से अधिक समय तक ऐक्टिवेट नहीं किया जाता है, तो कार्ड जारीकर्ता क्रेडिट कार्ड को चालू करने के लिए ग्राहक से वन टाइम पासवर्ड आधारित सहमति लेंगे

केन्‍द्रीय विश्‍वविधालायों में अब सांसदोंं की सिफारिस पर नहीं होगा दाखिला।

विवेकाधीन संसद सदस्‍य कोटा खत्‍म। सरकार ने केन्द्रिय विधालयों में दाखिले के लिए सांसदों को प्राप्‍त विवेकाधीन कोटे को समाप्‍त कर दिया है। इसके अलावा शिक्षा मंत्रालय के कर्मचारियों के 100 बच्‍चों, सांसद और केवी के सेवानिवृत कर्मचारियों के बच्‍चों व आश्रित पोते-पोतीयों तथा स्‍कूल प्रबंधन समिति के अध्‍यक्ष के विवेकाधीन कोटा सहित अन्‍य कोटे को भी समाप्‍त कर दिया गया है। क्‍या था सांसद कोटा? इस कोटे के तहत प्रत्‍येक सांसद हर शैक्षणिक वर्ष में कक्षा 1 से 9 तक में दाखिले के लिए अपने निर्वाचन क्षेत्र से १० छात्रों की सिफारिस कर सकता था। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021-22 में, सांसद कोटे से 7301 छात्रों का प्रवेश हुआ। वर्तमान में, लोकसभा में 543सांसद और राज्‍यसभा में 245 सांसद है, इस प्रकार हर वर्ष इस कोटे से केवी में 7880 छात्रों के प्रवेश संभव थे। कैसे हुई शुरूआत? दिसंबर 2021 में बीजेपी सांसद सुशील कुमार मोदी ने संसद में सांसद कोटे को समाप्‍त किए जाने की मांग उठाई। उन्‍होंने कहा कि जब नवोदय विद्यालयों, केन्द्रिय विश्‍वविधालयों, आइआइटी और आइआइएम जैसे संस्‍थानों में सांसदों को दाखिले का अधिकार नहीं

बिहार जमीन सर्वे 2022, कैसे कराएं अपनी जमीन का सर्वे।

बिहार  में जमीन सर्वे का काम कुछ जिलों में शुरू हो चुका है, तथा और बचे हुए जिलों में जल्द ही जमीन सर्वे का काम शुरू होने वाला है। जमीन सर्वे का कार्य एक शिविर लगाकर किया जाएगा। जिसमें राजस्व कर्मी, सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी, कानूनी सलाहकार और अमीन  होंगे।  डिजिटल नक्शा तैयार होने के बाद लोगों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। और अगर, इसके बाद किसी भी आम जनता को कोई शिकायत है, तो उसकी आपत्ति दर्ज कर सुधार किया जाएगा। कैसे कराएं अपनी जमीन का सर्वे।  सबसे पहले आप ऑफिशियल वेबसाइट  https://dlrs.bihar.gov.in   से एप्लीकेशन फॉर्म (प्रपत्र) डाउनलोड करें।  यदि आपने किसी से जमीन खरीदी है या उसका केवला आपके पास है तो आप प्रपत्र-2 को भरें।  यदि आप की जमीन पुश्तैनी यानी दादा परदादा की है और इसे आप अपने नाम कराना चाहते हैं। तो प्रपत्र-2 और इसके अतिरिक्त और दो पेज वंशावली का भी भरना होगा।  आवेदन पत्र को अच्छी तरह भरकर अपने पंचायत या ब्लॉक में जब भी शिविर लगेगा वहां आप इसे शिविर प्रभारी के पास जाकर जमा कर सकते हैं।  आवेदन के साथ लगने वाले दस्तावेज।  यदि आपके पास केवाला है, तो उसकी फोटो कॉपी।  जमीन का रसीद तथा