हुआ खुलासा! क्या है FIR और ZERO FIR, पुलिस तुरंत करेगी मामला दर्ज

लाइफस्टाइल डेस्क:Zero FIR सिटीजन को एक बड़ी सुविधा देती है, लेकिन बहुत से लोग इस बारे में जानते ही नहीं. आज हम बता रहे हैं Zero FIR क्या होती है और पुलिस इसे दर्ज करने से मना करे तो आप क्या कर सकते हैं. हर पुलिस स्टेशन का एक ज्युरिडिक्शन होता है. यदि किसी कारण से आप अपने ज्युरिडिक्शन वाले थाने में नहीं पहुंच पा रहे या आपको इसकी जानकारी नहीं है तो जीरो एफआईआर के तहत आप सबसे नजदीकी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करवा सकते हैं.

जीरो एफआईआर में क्षेत्रीय सीमा नहीं देखी जाती। इसमें क्राइम कहां हुआ है, इससे कोई मतलब नहीं होता। इसमें सबसे पहले रिपोर्ट दर्ज की जाती है. उसके बाद घटना वाले छेत्र थाना में fir को भेज दिया जाता है. आपको बता दे की यह एक्ट पहले नहीं थे दिल्ली का बहुचर्चित निर्भय रेप के बाद यह एक्ट लाया गया है.

इस प्रोविजन के बाद इन्वेस्टिगेशन प्रोसीजर तुरंत शुरू हो जाता है. टाइम बर्बाद नहीं होता. इसमें पुलिस 00 सीरियल नंबर से एफआईआर लिखती है. इसके बाद केस को संबंधित थाने में ट्रांसफर कर दिया जाता है. जीरो FIR से अथॉरिटी को इनिशिएल लेवल पर ही एक्शन लेने का टाइम मिलता है.

यदि कोई भी पुलिस स्टेशन जीरो एफआईआर लिखने से मना करे तो पीड़ित सीधे पुलिस अधिक्षक को इसकी शिकायत कर सकता है और अपनी कम्प्लेंड रिकॉर्ड करवा सकता है. एसपी खुद इस मामले में इन्वेस्टिगेशन कर सकते हैं या फिर किसी दूसरी अधिकारी को निर्देशित कर सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट स्पष्ट कर चुका है कि कोई भी पुलिस ऑफिसर एफआईआर लिखने से इंकार करे तो उस पर डिसिप्लिनरी एक्शन लिया जाए.

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