आरक्षण मुद्दे पर बिहार के दिग्गज नेताओं पर निशाना साधते हुए पप्पू यादव ने दिया बड़ा बयान…

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न्यूज़ डेस्क: जन अधिकार पार्टी के संरक्षक और मधेपुरा सांसद पप्पू यादव ने आरक्षण के मुद्दे पर बड़ा बयान दिया है. आरक्षण के मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि लोग सियासत सिर्फ करते हैं पप्पू यादव ने कहा कि सभी प्राइवेट संस्थानों को बंद कर देना चाहिए कॉमन और कम्पलसरी शिक्षा को लागू कर देना चाहिए.

कॉमन और कम्पलसरी हेल्थ को एक कर देना चाहिए क्वालिटी एवं क्वांटिटी को एक कर देना चाहिए. सांसद ने कहा कि जिसकी संख्या जितनी हो उतनी गरीबी को तय देना चाहिए. उन्होंने कहा कि दो पीढ़ी को आरक्षण दिया जाए ताकि उनका विकास हो सके. दो पीढ़ी से ज्यादा नहीं जिसकी जितनी संख्या गरीबी में हो उसकी उतनी ही भागेदारी होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि आरक्षण की पुरानी प्रक्रिया हटा देनी चाहिए. पप्पू ने कहा कि सरकार को जातिगत जनगणना और आर्थिक आधार पर आरक्षण तय करनी चाहिए. सूबे के बिहार के पूर्णिया में पॉपुलर फ्रंट के सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे पप्पू यादव ने आरक्षण का लाभ लेने वालों पर कटाक्ष भी किया है. सांसद का कहना था कि जिसकी गरीबी सबसे ज्यादा है उसपर आरक्षण ज्यादा किया जाए. अगर दलित आदिवासी की संख्या ज्यादा है तो उनको मिले. सांसद ने कहा कि पप्पू यादव, लालू प्रसाद यादव, मुलायम सिंह यादव राम विलास पासवान और जीतन राम मांझी जैसे लोगों को आरक्षण का लाभ क्यों मिले? उन्होंने कहा कि इन सबों के बेटे-पोते को आरक्षण का लाभ मिल रहा है, वहीं गांव के गरीब दलित, मुसलमान इससे वंचित है. ये आरक्षण की कैसी व्यवस्था है?

पप्पू यादव ने बड़ी मांग करते हुए कहा कि क्रिमिलेयर को आरक्षण से दूर रखने की बात कही है. राजद सुप्रीमों लालू प्रसाद यादव और सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जमकर हमला करते हुए कहा कि दोनों भाई बताएं की मुसलमानों के लिए क्या किया है सिवाय सियासत करने के लिए. पापू यादव ने साफ करते हुए कहा कि जिसकी जितनी आबादी है उतनी आजादी दे देनी चाहिए. पप्पू यादव ने स्पष्ट करते हुए कहा है कि आरक्षण ऊपर से मिले नीचे तो खुद से मिला जायेगा. पप्पू यादव ने मांग करते हुए कहा कि देश की गद्दी पर आप दलित को बैठाइए जिसकी जितनी आबादी है दलित पिछड़ा, अतिपिछड़ा, दलित मुसलमान को उसी अनुपात में दीजिए.



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