नवरात्रि के पांचवे दिन माँ स्कंदमाता की पूजा के इस पावन अवसर पर ऐसे करें मातारानी को प्रसन्न…

1519

जैसा कि आप सभी जानते है, नवरात्र शक्ति उपासना का महापर्व है. मान्‍यता है क‍ि देवी मां धरती पर रहती हैं. इससे उनका अशीर्वाद पाने का ये व‍िशेष समय है. जब मातारानी का हम आशीर्वाद ले सकते है. स्कंदमाता की चार भुजाएं हैं जिनमें से माता ने अपने दो हाथों में कमल का फूल पकड़ी हुई है. उनकी एक भुजा ऊपर की ओर उठी हुई है जिससे वह भक्तों को आशीर्वाद देती हैं तथा एक हाथ से उन्होंने गोद में बैठे अपने पुत्र स्कंद को पकड़ी हुई है. इनका वर्ण पूर्णतः शुभ है और ये कमल के आसन पर विराजमान रहती हैं, जिस कारण माता को पद्मासना देवी भी कहा जाता है.
स्कंदमाता को अपना नाम अपने पुत्र के साथ जोड़ना बहुत अच्छा लगता है. इसलिए इन्हें स्नेह और ममता की देवी माना जाता है. इनका वाहन सिंह है. ये माता भक्त की सभी इच्छाओंको पूर्ण करने वाली हैं. भगवान स्कन्द की माता होने के कारण श्री दुर्गा के इस स्वरुप को स्कंदमाता कहा जाता है.

पूजा करने की विधि

आस्थावान भक्तो में मान्यता है कि यदि कोई श्रद्धा और भक्ति पूर्वक मां स्कंदमाता की पूजा करता है तो उसकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है और उसे इस मृत्युलोक में परम शांति का अनुभव होने लगता है. माता की कृपा से उसके लिए मोक्ष के द्वार स्वयमेव सुलभ हो जाता है. पौराणिक कथानुसार भगवती स्कन्दमाता ही पर्वतराज हिमालय की पुत्री पार्वती है. महादेव की पत्नी होने के कारण माहेश्वरी और अपने गौर वर्ण के कारण गौरी के नाम से भी माता का पूजन किया जाता है. माता को अपने पुत्र से अधिक स्नेह है, जिस कारण इन्हें इनके पुत्र स्कन्द के नाम से ही पुकारा जाता है. पंचमी तिथि के दिन पूजा करके भगवती दुर्गा को केले का भोग लगाना चाहिए और यह प्रसाद ब्राह्मण को दे देना चाहिए. ऐसा करने से मनुष्य की बुद्धि का विकास होता है.

माता स्कंदमाता देवी का मंत्र
सिंहासना गता नित्यं पद्माश्रि तकरद्वया | शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी ||
या देवी सर्वभू‍तेषु माँ स्कन्दमाता रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

नवरात्रि के पांचवे दिन माता दुर्गा स्कंदमाता देवी को केले का भोग लगा कर और इनका दान करने से आपके परिवार में सुख-शांति बनी रहती है!
यह भी पढ़ें:
नवरात्रि के दुसरे दिन माँ कुष्मांडा की पूजा के इस पावन अवसर पर ऐसे करें मातारानी को प्रसन्न…

सुहागन महिलायें हो जाए सतर्क, सिंदूर को इस्तेमाल करने से पहले जरुर पढ़ें ये खबर…

नवरात्रि के दुसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा के इस पावन अवसर पर ऐसे करें मातारानी को प्रसन्न…


इस न्यूज़ को शेयर करे तथा कमेंट कर अपनी राय दे.

Tagged with:

Leave a reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *