केस डायरी में मदद के लिए दारोगा जी ले रहे थे पैसा, फिर हुआ….

मधुरेश, मोतिहारी : पूर्वी चंपारण जिले में एक घूसखोर दारोगा आज निगरानी के हत्थे चढ़ गये हैं. जिले के कोटवा थाना अन्तर्गत बझिया ओपी के प्रभारी अमित वर्मा को पटना से पहुंची निगरानी की टीम ने केस डायरी में मदद के बदले बतौर रिश्वत दस हजार रुपया लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. उक्त दारोगा की गिरफ्तारी बझिया गांव स्थित उनके भाड़े के आवास से शनिवार को दिन के करीब 11 बजे हुई.

ओपी प्रभारी श्री वर्मा भोपतपुर मलाही टोला में कुछ दिन पूर्व बिलट सहनी और राजा सहनी के बीच घटित मारपीट व डायन कह कर प्रताड़ित करने के काउंटर केस के मामले में बिलट सहनी के पक्ष में डायरी लिखने के लिए वकिल सहनी नामक व्यक्ति से रिश्वत का दस हजार रुपया ले रहे थे. दारोगा जी ने जैसे ही वकिल सहनी के हाथ से रुपया लिया वैसे ही सादे लिबास में मौके पर मौजूद निगरानी टीम के सदस्यों ने उन्हें दबोच लिया.

अगल-बगल के लोग कुछ समझ पाते इससे पहले निगरानी वाले घुसखोर दारोगा को लेकर पटना के लिए निकल गये. निगरानी धावा दल का नेतृत्व पुलिस उपाधीशक्षक मो. जमीरउदीन कर रहे थे. ओपी प्रभारी अमित वर्मा के निगरानी के हत्थे चढ़ने की खबर मिलते ही पुलिस कर्मियों के चेहरे पीले पड़ गये. हॉलाकि यह पहला मौका नहीं है जब निगरानी की टीम ने किसी घूसखोर पुलिस पदाधिकारी को पकड़ा है.

इससे पूर्व भी जिले से अनेक पुलिस एवं प्रशासनिक पदाधिकारी-कर्मचारी घूस लेते पकड़े जा चूके हैं. निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना द्वारा आज जारी प्रेस नोट के मुताबिक निगरानी टीम की अगस्त माह में यह दूसरा ट्रैपिंग है. वहीं चालू वर्ष 2017 में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की ओर से अब तक 50 ट्रैप कराये जा चूके हैं जिसमें 53 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चूका है. इतनी बड़ी कार्रवाई के बावजूद घूसखोर पदाधिकारी अपनी आदत से बाज नहीं आ रहे हैं.

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