बिहार सरकार की शिक्षा व्यवस्था हुई शर्मसार, प्रमाणपत्रों के सत्यापन के नाम पर चल रहा यह खेल!

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शेखपुरा.ललन कुमार : बिहार सरकार की शिक्षा व्यवस्था शेखपुरा डीईओ के चलते एक बार फिर शर्मसार हुआ है. वर्षों से हाई स्कूल के शिक्षकों के प्रमाणपत्रों के सत्यापन डीईओ मो.तकिउद्दीन द्वारा विभागीय स्तर से नहीं कराए जाने के कारण शिक्षकों का वेतन पिछले 5 साल से बन्द है जिसके चलते शिक्षक भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं.

शहर के इस्लामियां हाई स्कूल के सहायक शिक्षक एस एम असगर बिस्मिल और कम्प्यूटर शिक्षक मो.उनुन खान ने डीईओ तकिउद्दीन पर आरोप लगाया है कि डीईओ द्वारा लोभ में प्रमाण पत्रों का सत्यापन विभागीय स्तर पर नहीं करा कर पेंडिंग रखा जा रहा है. जबकि स्कूल प्रशासन के तरफ से उनके प्रमाण पत्रों का सत्यापन करा लिया गया है और शिक्षक द्वारा अपने प्रमाण पत्रों का सत्यापन और प्रथम श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी से एफिडेफीट भी डीईओ को दिया गया है फिर भी डीईओ इसे मानने को तैयार नहीं हैं.

मंजूरी मिलने के बाद भी विभागीय स्तर पर इस मामले को लंबित रखा जा रहा है. कार्यालय से प्रमाणपत्रों के सत्यापन के लिए निदेशक को सुचना भेजे जाने की बात बताई जाती है. लेकिन सुचना पत्र के पत्रांक और दिनांक मांगे जाने पर कार्यालय स्तर से नहीं दी जा रही है. दोनों शिक्षकों ने कहा कि इन सारे तथ्यों से साफ़ जाहिर है कि डीईओ कुछ लोभ से ही उनके प्रमाण पत्रों के सत्यापन का मामला लंबित रखे हुए हैं.

वहीं इन शिक्षकों के सारे आरोपों को डीईओ तकिउद्दीन ने बेबुनियाद बताया है. उन्होंने बताया की विभागीय स्तर पर प्रमाण पत्रों के सत्यापन कराये जाने में कुछ समय तो लगता ही है.



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