वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व में बनेगा गैंडों का आशियाना

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विकाश कुमार गुप्ता, इंडो-नेपाल बॉर्डर पर स्थित वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के वन क्षेत्र में गैंडों के लिए अशियाना (वाल्मीकि राइनो हैबिटेट सेंटर) बनाने की कवायद तेज हो गई है. वीटीआर प्रशासन ने वन्य प्राणि परिषद व स्टेट वाइल्ड लाइफ को मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजा है. सबकुछ ठीक-ठाक रहा व प्रस्ताव पर मुहर लग गई तो नेपाल और यूपी की खुली सीमा पर स्थित वन प्रमंडल दो के मदनपुर वन क्षेत्र में करीब पांच किलोमीटर के दायरे में राइनो हैबिटेट सेंटर बनाया जाएगा। इसके लिए जीपीएस सिस्टम से स्थल का चयन कर लिया गया है. अनुमान लगाया जा रहा है कि साल के अंत तक इसे अमली जामा पहना दिया जायेग.

मुख्य वन सरंक्षक सह वीटीआर के क्षेत्र निदेशक आरबी सिंह ने बताया कि यहां गैंडों के लिए बेहतर वातावरण है। इस कारण नेपाल के चितवन नेशनल पार्क से गैंडों के समूह इस जंगल की ओर आते रहते हैं. वाल्मीकिनगर और मदनपुर वन क्षेत्र गैंडों के लिए पसंदीदा स्थल हैं. इन सभी संभावनाओं को देखते हुए टाइगर रिजर्व के अंदर राइनो हैबिटेट केन्द्र बनाने का प्रस्ताव रखा गया है. इसे अनुमोदन के लिए वन्य प्राणि परिषद व स्टेट वाइल्ड लाइफ को भेजा गया है.

श्री सिंह ने बताया कि टाइगर रिजर्व के सभी वन क्षेत्रों की जांच के बाद पाया गया कि वन प्रमंडल दो के मदनपुर वन क्षेत्र का हिस्सा गैंडों के रहने के लिए सबसे अधिक अनुकूल है। इस कारण वहीं पर पांच वर्ग किमी क्षेत्र को गैंडा अधिवाश के रूप में डेवलप किया जायेगा.उन्होंने बताया कि यहां शुरूआत में संजय गांधी जैविक उद्यान, पटना से गैंडों को लाकर रखा जायेगा. निदेशक ने दावा किया है कि सर्दियो के मौसम में नेपाल के चितवन नेशनल पार्क की ओर से गैंडे जरूर आएंगे. इससे अधिवाश केन्द्र में उनकी संख्या बढ़ेगी ही.

प्रशिक्षण ले चुके हैं वन प्रमंडल दो के डीएफओ
गैंडों के रहन-सहन व बेहतर अधिवाश की जानकारी वन प्रमंडल दो के डीएफओ अमित कुमार प्राप्त कर चुके हैं.उन्हें गत माह गैंडों की जानकारी के लिए दुधवा नेशनल पार्क भेजा गया था.वीटीआर के निदेशक ने बताया क श्री कुमार को दुधवा नेशनल पार्क में गैंडों के अधिवाश से संबंधित जानकारी के लिए भेजा गया था. वे पूरी जानकारी प्राप्त कर चुके हैं.



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